वाशिंगटन। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच की मित्रता किसी से छिपी नहीं है। अब इस रिश्ते पर एक नई जानकारी सामने आई है। ट्रंप के करीबी सूत्रों में से एक सर्जियो गोर ने बड़ा बयान दिया है।
सर्जियो गोर ने हाल ही में एक साक्षात्कार में कहा कि आगामी दिसंबर महीने में ब्राजील में होने वाले जी20 शिखर सम्मेलन में ट्रंप प्रधानमंत्री मोदी से सबसे पहले मिलना चाहेंगे। यह बात इसलिए भी खास है क्योंकि जी20 सम्मेलन में दुनिया के बड़े नेता शामिल होते हैं और वहां पहली मुलाकात का मतलब बहुत कुछ होता है।
गोर ने बताया कि जब भी उनकी ट्रंप से बातचीत होती है, वे अपनी शानदार भारत यात्रा और अपने 'प्रिय मित्र' प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बहुत अच्छी तरह याद करते हैं। उन्होंने कहा कि भारत में ट्रंप का स्वागत किसी राजा जैसा हुआ था और वह इस अनुभव को भूल नहीं पा रहे हैं।
यह बात ध्यान देने योग्य है कि ट्रंप जब भी भारत की चर्चा करते हैं, वे प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ जरूर करते हैं। दोनों नेताओं के बीच एक खास समझौता है और यह सार्वजनिक रूप से भी दिखता रहा है।
जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान होने वाली इस मुलाकात का महत्व और भी बढ़ जाता है जब हम देखते हैं कि दोनों देशों के बीच व्यापार संबंध भी काफी मजबूत हैं। हाल के वर्षों में भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार में काफी इजाफा हुआ है।
सूत्रों के मुताबिक, जी20 सम्मेलन में ट्रंप का पहला फोकस प्रधानमंत्री मोदी से मिलना होगा। इस मुलाकात में दोनों नेता अपने-अपने देशों के हित में कई मुद्दों पर चर्चा कर सकते हैं।
भारत-अमेरिका संबंधों की बात करें तो यह हमेशा से मजबूत रहे हैं लेकिन हाल के वर्षों में यह और भी प्रगाढ़ हुए हैं। दोनों देश सामरिक साझेदार हैं और कई अहम मुद्दों पर एक ही पृष्ठ पर हैं।
सर्जियो गोर का यह बयान इसलिए भी अहम है क्योंकि वे ट्रंप के बेहद करीबी माने जाते हैं। उनकी इस टिप्पणी से साफ है कि अमेरिका में ट्रंप की संभावित वापसी के बाद भी भारत के साथ संबंध अच्छे रहेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप और मोदी के बीच जो रासायनिक मिलन है, वह दोनों देशों के संबंधों के लिए फायदेमंद रहा है। चाहे वह व्यापार हो, रक्षा हो या तकनीकी क्षेत्र, दोनों देशों ने मिलकर कई अहम कदम उठाए हैं।
दिसंबर में होने वाला जी20 शिखर सम्मेलन इस साल ब्राजील में आयोजित होगा। इस सम्मेलन में दुनिया के सबसे बड़े अर्थव्यवस्था वाले देशों के नेता शामिल होंगे। भारत की ओर से प्रधानमंत्री मोदी इसमें शामिल होंगे और उम्मीद है कि वहां ट्रंप से उनकी मुलाकात होगी।
गोर ने यह भी कहा कि ट्रंप को भारत से बेहद लगाव है और वह हमेशा अपनी भारत यात्रा की बात करते हैं। भारत में उन्हें जो सम्मान मिला, वह उनके लिए यादगार रहा।
इस पूरे मामले को देखा जाए तो यह साफ है कि भारत-अमेरिका संबंध किसी एक व्यक्ति पर निर्भर नहीं हैं बल्कि यह दोनों देशों की जनता और हित पर आधारित हैं। फिर भी जब दो नेताओं के बीच अच्छे संबंध हों, तो यह काम को आसान जरूर बनाता है।



