उत्तरी प्रदेश के एक कार्यक्रम के बाद, राहुल गांधी ने शुद्धिकरण की आलोचना की, जिससे विवाद की लहर उठी। कार्यक्रम के दौरान, मल्लिकरंजन खार्जे ने एक स्थल पर शुद्धिकरण की मांग की, जिसे कुछ लोगों ने भेदभावपूर्ण कदम माना।
राहुल गांधी ने इस कदम को “बजपी-आरएसएस मानसिकता” के रूप में वर्णित किया, और कहा कि यह कदम सामाजिक समावेशिता के खिलाफ है। उन्होंने यह भी बताया कि शुद्धिकरण से सामाजिक वर्गों के बीच विभाजन बढ़ सकता है।
इस घटना के बाद, कुछ लोगों ने शुद्धिकरण के खिलाफ कानूनी कदम उठाने की मांग की, जिसमें शैक्षणिक और सामाजिक अधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाया गया।
कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस कदम को भेदभावपूर्ण और असमानता बढ़ाने वाला बताया। उन्होंने शुद्धिकरण के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई।
इस विवाद के बीच, कुछ लोगों ने शुद्धिकरण को एक वैध कदम माना, जबकि अन्य ने इसे अस्वीकार किया। इस मुद्दे पर चर्चा जारी है।



