सीबीआई-ईडी के कार्यक्रम में चिदंबरम ने अल-नीनो के प्रभाव पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह मौसमीय घटना फरवरी 2027 तक जारी रहेगी।
अल-नीनो के कारण तापमान में बदलाव और वर्षा के पैटर्न में बदलाव देखने को मिल सकता है। चिदंबरम ने कहा कि इससे कृषि और जल संसाधनों पर असर पड़ सकता है।
इसके अलावा उन्होंने पक्षियों के व्यवहार पर भी ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि "तोता कभी बन जाता है पिटबुल" के रूप में, यानी पक्षी अपने व्यवहार में बदलाव दिखा सकते हैं।
चिदंबरम ने यह भी उल्लेख किया कि इस मौसमीय बदलाव के दौरान सरकार को सतर्क रहना चाहिए और आवश्यक कदम उठाने चाहिए।
स्रोत: अमर उजाला, 5 सितंबर 2026।



