नई दिल्ली: अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने गुरुवार को एक महत्वपूर्ण साक्षात्कार में कहा कि भारत और अमेरिका के बीच संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वर्तमान में दोनों देशों के बीच जो सहयोग देखा जा रहा है, वह अभूतपूर्व है।
राजदूत गोर ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति ट्रंप की उन नेताओं की सूची में जहां वे मिलना चाहते हैं, उसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सबसे प्रमुख स्थान पर होंगे। यह बयान दोनों देशों के बीच बढ़ते सौहार्दपूर्ण संबंधों को दर्शाता है।
इस साक्षात्कार में गोर ने क्वाड सहयोग की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह समूह क्षेत्रीय स्थिरता और समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। क्वाड के तहत भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया मिलकर काम कर रहे हैं।
रक्षा क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ा है। हाल के वर्षों में भारत ने अमेरिका से कई रक्षा उपकरण और प्रणालियां खरीदी हैं। साथ ही संयुक्त सैन्य अभ्यासों की संख्या में भी वृद्धि हुई है।
व्यापार और निवेश के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंध गहरे हुए हैं और अमेरिकी कंपनियां भारत में निवेश बढ़ा रही हैं। यह विकास दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए लाभकारी सिद्ध हो रहा है।
गोर ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच अच्छी समझ है। दोनों नेताओं के बीच नियमित संवाद बना हुआ है, जो द्विपक्षीय संबंधों को और सुदृढ़ बनाता है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान भारत-अमेरिका संबंधों की स्थिरता को दर्शाता है। चाहे प्रशासन बदले या न बदले, दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी बनी रहती है।
कूटनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि भारत-अमेरिका संबंध आज अपने सुनहरे दौर में हैं। दोनों देश मिलकर क्षेत्रीय और वैश्विक चुनौियों का सामना कर रहे हैं।
इस संदर्भ में गोर का बयान और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। यह दर्शाता है कि अमेरिकी प्रशासन भारत को अपने प्रमुख सहयोगियों में गिनता है।
आने वाले समय में दोनों देशों के बीच और अधिक सहयोग की उम्मीद है। व्यापार, रक्षा, प्रौद्योगिकी और ऊर्जा के क्षेत्र में नए अवसर खुल रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी का विदेश नीति में सक्रिय रुख भारत को वैश्विक मंच पर और प्रासंगिक बनाता है। अमेरिका के साथ संबंध इसका एक महत्वपूर्ण पहलू है।
राजदूत गोर ने अंत में कहा कि दोनों देशों की जनता भी इस संबंध से लाभान्वित हो रही है। रोजगार के अवसर बढ़े हैं और लोगों के बीच संपर्क बढ़ा है।



