नई दिल्ली: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शुक्रवार यानी 4 सितंबर के लिए देश के 19 राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इस दौरान कई राज्यों में आंधी-तूफान के साथ तेज हवाएं भी चलने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में एक नया निम्न दबाव क्षेत्र सक्रिय हो गया है जो अगले कुछ दिनों तक मॉनसून को और सक्रिय रखेगा। इस सिस्टम के प्रभाव से दक्षिण-पश्चिम मॉनसून में नई ऊर्जा आई है और पूर्वी, मध्य तथा उत्तरी भारत में बारिश की तीव्रता बढ़ गई है।
किन राज्यों में होगी भारी बारिश?
IMD के अनुसार, अगले 24 से 48 घंटों में उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसgarh, मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में भारी बारिश की संभावना है। इन राज्यों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है।
उत्तर प्रदेश में 3 सितंबर को सात जिलों में भारी बारिश दर्ज की गई जहां अगले कुछ दिनों तक यह स्थिति जारी रहने की आशंका है। प्रयागराज, वाराणसी, प्रतापगढ़, सोनभद्र, चंदौली, मऊ और बलिया जैसे जिलों में मूसलाधार बारिश की सूचनाएं मिली हैं।
दिल्ली-एनसीआर में मौसम
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में भी अगले दो-तीन दिन हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। हालांकि, दिल्ली-एनसीआर में बीती रात हुई बारिश ने मौसम को सुहाना बनाए रखा है। तापमान सामान्य से कम रहने के आसार हैं और अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
आंधी-तूफान की चेतावनी
मौसम विभाग ने तटीय और आंतरिक इलाकों में अगले कुछ दिनों तक 72 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी दी है। विशेषकर ओडिशा, पश्चिम बंगाल और बंगाल की खाड़ी के निकटवर्ती क्षेत्रों में तूफानी हवाओं के साथ भारी बारिश की संभावना अधिक है। मछुआरों को समुद्र में जाने से परहेज करने की सलाह दी गई है।
4 से 7 सितंबर का अनुमान
IMD के विस्तृत पूर्वानुमान के अनुसार, 4 से 7 सितंबर के बीच मध्य भारत, पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह बारिश किसी भी प्रकार की बाढ़ जैसी स्थिति पैदा कर सकती है, इसलिए संबंधित राज्य सरकारों को सतर्क रहने की जरूरत है।
अलर्ट और तैयारी
देशभर के राज्यों के आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। NDRF की कई टीमें संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात की गई हैं। स्थानीय प्रशासन को निचले इलाकों और जलभराव वाले क्षेत्रों से निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी करने को कहा गया है।
मॉनसून की स्थिति
दक्षिण-पश्चिम मॉनसून अभी पूरे देश में सक्रिय है। इस साल की मॉनसून अवधि में अब तक देश को सामान्य से अधिक वर्षा प्राप्त हुई है। हालांकि, कुछ क्षेत्रों में वर्षा की कमी अभी भी बनी हुई है जबकि अन्य हिस्सों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है।
मौसम विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे मौसम अपडेट से अवगत रहें और किसी भी आपातकालीन स्थिति के लिए तैयार रहें। यात्रा के दौरान सतर्कता बरतें और किसी भी जलभराव वाले इलाके से दूर रहें।



